लखनऊ अग्निकांड के बाद जागा एलडीए: मानक विहीन 71 प्रतिष्ठान सील, 83 को थमाया नोटिस
लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे लखनऊ को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे से सबक लेते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अब शहर भर में मानकों की धज्जियां उड़ाकर चलाए जा रहे प्रतिष्ठानों के खिलाफ 'ताबड़तोड़' कार्रवाई शुरू कर दी है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के कड़े निर्देशों पर बुधवार को प्रवर्तन विभाग की टीमों ने पूरे शहर में एक साथ धावा बोला, जिससे अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक संस्थानों में हड़कंप मच गया।
तीन सप्ताह चलेगा 'महा-अभियान'
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस अभियान को लेकर स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह अगले 3 सप्ताह तक लगातार जारी रहेगी। बुधवार को एलडीए की टीमों ने अग्निशमन विभाग और लखनऊ पुलिस के साथ मिलकर सभी 07 जोनों में सघन जांच की।
कार्रवाई का लेखा-जोखा:
कुल सील किए गए प्रतिष्ठान: 71
जारी किए गए नोटिस: 83
कार्रवाई के दायरे में: कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, डांस स्टूडियो, प्ले स्कूल, ब्लड बैंक, होटल, नर्सिंग होम और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स।
जोन-वार कार्रवाई: हजरतगंज से गोमतीनगर तक सन्नाटा
एलडीए की अलग-अलग टीमों ने शहर के पॉश इलाकों से लेकर मुख्य व्यावसायिक केंद्रों तक दबिश दी:
गोमती नगर (जोन-1): यहां एलन, आकाश इंस्टीट्यूट, अन-अकेडमी, विद्यापीठ समेत 09 बड़े कोचिंग सेंटरों को सील किया गया।
कानपुर रोड और कृष्णानगर (जोन-2): फिजिक्स वाला, महिंद्रा कोचिंग, सेंटूरियन जैसे 16 बड़े केंद्रों पर ताले जड़े गए।
हजरतगंज (जोन-6): हजरतगंज जैसे अति-व्यस्त इलाके में एलन, आकाश, मोशन और ग्रैविटी जैसे 14 प्रतिष्ठानों को सील किए जाने से हड़कंप मच गया।
जोन-7: संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह के नेतृत्व में 14 प्रतिष्ठान सील और 20 को नोटिस दिए गए।
जोन-3 व 4: यहां भी होटल गुरवीर, ब्राइट फ्यूचर लाइब्रेरी समेत 13 प्रतिष्ठानों को सील कर मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई की गई।
"जिंदगी से समझौता बर्दाश्त नहीं"
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार देर शाम ही जोनल अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में संचालित प्रत्येक कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और होटल की गहन जांच होगी। यदि कोई प्रतिष्ठान मानकों के विपरीत पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से सील किया जाएगा।
टिप्पणी
अलीगंज अग्निकांड ने यह साबित कर दिया है कि राजधानी में सुरक्षा के नाम पर चल रहा खेल कितना खतरनाक है। एलडीए की यह ताबड़तोड़ कार्रवाई प्रशासन की नींद खुलने का संकेत तो है, लेकिन सवाल यह है कि ये संस्थान अब तक किसकी शह पर चल रहे थे? शहरवासियों को उम्मीद है कि यह अभियान केवल सीलिंग तक सीमित न रहकर, भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए एक स्थाई सुरक्षा तंत्र का निर्माण करेगा।