एयरपोर्ट पर परिवहन विभाग का 'महा-ऑपरेशन': अवैध कमर्शियल रैकेट पर बरसी खाकी, 60 गाड़ियों के चालान, 7 सीज!
लखनऊ। राजधानी लखनऊ का चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (अमौसी एयरपोर्ट) उस समय परिवहन विभाग की 'सर्जिकल स्ट्राइक' का गवाह बन गया, जब निजी गाड़ियों को अवैध रूप से टैक्सियां बनाकर चलाने वाले सिंडिकेट के खिलाफ परिवहन विभाग की महा-प्रवर्तन टीम ने एक बड़ा और अभूतपूर्व चक्रव्यूह रचा। 16 से 17 जून, 2026 तक चले इस दो दिवसीय ऐतिहासिक विशेष अभियान ने न सिर्फ अवैध ऑपरेटरों की कमर तोड़ दी, बल्कि विभाग में फील्ड एक्शन का एक नया अध्याय लिख दिया।
क्या था पूरा मामला?
निजी गाड़ियों (वाइट प्लेट) को अवैध रूप से कमर्शियल (येलो प्लेट) के तौर पर इस्तेमाल कर सरकार को टैक्स का चूना लगाने वाले सिंडिकेट के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। अमौसी हवाई अड्डे पर यात्रियों को झांसे में लेकर मोटी रकम वसूलने और बिना टैक्स भरे अवैध टैक्सी चलाने वाले गिरोहों पर विभाग ने पूरी तैयारी के साथ धावा बोला।
महा-अभियान के आंकड़े:
दो दिवसीय इस महा-अभियान के परिणाम विभाग की मुस्तैदी की गवाही दे रहे हैं:
कुल चालान: नियम तोड़ने वाली 60 गाड़ियों के खिलाफ ऑन-स्पॉट चालान की कठोर कार्रवाई की गई।
वाहन सीज: गंभीर अनियमितताओं के चलते 07 वाहनों को सीधे सीज कर पुलिस कस्टडी में दे दिया गया।
निजी वाहनों का अवैध प्रयोग: 20 गाड़ियाँ प्राइवेट होने के बावजूद कमर्शियल काम में लिप्त मिलीं, जिनमें से 03 को तुरंत निरुद्ध (जब्त) किया गया।
ब्लैक लिस्टिंग की तैयारी: विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से कमर्शियल इस्तेमाल हो रही इन सभी गाड़ियों को अनिवार्य रूप से 'ब्लैक लिस्ट' किया जा रहा है और इन्हें 'व्यावसायिक श्रेणी' में परिवर्तित करने की सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
'सुपर कॉप्स' की कमान और प्रशिक्षु अफसरों की ट्रेनिंग
इस ऑपरेशन को लखनऊ संभाग के आरटीओ (प्रवर्तन) श्री प्रभात पाण्डेय और मुख्यालय के एआरटीओ (प्रवर्तन) श्री हिमांशु जैन के कुशल नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में एआरटीओ आलोक कुमार यादव, पीटीओ खेमानंद पाण्डेय, विक्रांत सिंह और आब्दीन अहमद शामिल रहे।
इस अभियान की सबसे अनूठी बात यह रही कि विभाग में हाल ही में शामिल हुए 14 नव-नियुक्त प्रशिक्षु एआरटीओ (Trainee ARTOs) को भी मौके पर तैनात किया गया। इन युवा अफसरों ने सीनियर अधिकारियों के साथ रहकर अवैध वाहनों की प्रोफाइलिंग और कानूनी जब्ती की बारीकियां सीखीं। यह परिवहन विभाग के इतिहास में पहली बार है, जहाँ नई पौध को सीधे 'युद्धस्तर' पर फील्ड ट्रेनिंग दी गई।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
सफल अभियान के बाद लखनऊ संभाग के आरटीओ (प्रवर्तन) श्री प्रभात पाण्डेय ने कहा कि राजस्व चोरी रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे औचक और बड़े अभियान आगे भी पूरी आक्रामकता के साथ जारी रहेंगे। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई स्थान नहीं है।