लखनऊ में सपा का 'हल्ला बोल': सड़कों पर उमड़ा लाल टोपियों का सैलाब, योगी सरकार को घेरा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर आज समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जबरदस्त प्रदर्शन किया। सपा जिला कार्यालय पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का ऐसा हुजूम उमड़ा कि पूरा इलाका लाल टोपियों और पार्टी के झंडों से पट गया।
विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व
युवजन सभा, लोहिया वाहिनी और महिला सभा के इस संयुक्त प्रदर्शन ने राजधानी में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। आंदोलन की कमान खुद समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता जूही सिंह और सांसद आर.के. चौधरी ने संभाली। इनके साथ कई महानगर अध्यक्ष और दिग्गज नेता भी कार्यकर्ताओं के साथ जमीन पर उतरे।
'महंगाई और महिला उत्पीड़न' बना मुख्य मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता जूही सिंह ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
"जब से भाजपा आई है, कमरतोड़ महंगाई आई है। उत्तर प्रदेश में विकास का नामोनिशान नहीं है। खाद की किल्लत, बिजली और डीजल के बढ़ते दाम आम आदमी की कमर तोड़ रहे हैं। पेपर लीक के कारण युवा आत्महत्या करने पर मजबूर हैं और सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।"
इसके अलावा, जूही सिंह ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और 'नारी वंदन अधिनियम' को लागू न किए जाने को लेकर भी कड़े सवाल उठाए।
सड़कों पर उतरे बैल, अनोखा रहा प्रदर्शन
सपा का यह विरोध प्रदर्शन केवल नारों तक सीमित नहीं रहा। कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर बैल उतारकर और महिलाएं जमीन पर बैठकर 'महंगाई डायन खाए जात है' के नारे लगाकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए लखनऊ पुलिस और प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा के लिहाज से जिला कार्यालय से जिलाधिकारी (DM) कार्यालय तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
DM को सौंपा ज्ञापन
समाजवादी पार्टी के नेताओं का स्पष्ट कहना है कि प्रदेश में बढ़ते अपराध, चरम पर पहुंची महंगाई, पेपर लीक और महिला उत्पीड़न जैसे मुद्दों को लेकर वे चुप नहीं बैठेंगे। इस प्रदर्शन के बाद सपा नेताओं ने जिलाधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार इन जनविरोधी नीतियों पर लगाम नहीं लगाती, तब तक उनका यह आंदोलन सड़कों से लेकर सदन तक जारी रहेगा।