भारतीय रेलवे का बड़ा कदम: 440 करोड़ रुपये की लागत से निमपुरा-मिदनापुर तीसरी लाइन परियोजना को मंजूरी
नई दिल्ली/लखनऊ | एसजेएम 24 न्यूज़ डेस्क
देश के महत्वपूर्ण माल ढुलाई गलियारों में रेल क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने दक्षिण पूर्वी रेलवे के अंतर्गत निमपुरा पश्चिम आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन के निर्माण को 440 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उच्च घनत्व वाले इस मार्ग पर यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को तेज करना और नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना है।
क्यों पड़ी इस परियोजना की जरूरत?
यह रणनीतिक खंड 'उच्च उपयोग नेटवर्क' (HUN-2) मार्ग का हिस्सा है, जहां वर्तमान में भारी भीड़भाड़ है। मौजूदा समय में यह खंड 115.71 प्रतिशत क्षमता उपयोग पर चल रहा है, जो अत्यधिक ट्रैफिक का संकेत देता है। तीसरी लाइन के बन जाने से इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी और परिचालन संबंधी बाधाएं दूर होंगी।
माल ढुलाई क्षमता और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
यह मार्ग यात्री यातायात के साथ-साथ माल ढुलाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस कॉरिडोर के जरिए कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट, उर्वरक, पेट्रोलियम उत्पाद, खाद्यान्न और कंटेनर समेत कई आवश्यक वस्तुओं का बड़े पैमाने पर परिवहन होता है, जिसका कुल माल भार लगभग 23.80 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है।
इस तीसरी लाइन के पूरा होने से प्रति वर्ष 35 लाख टन (3.52 MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय उद्योगों, व्यवसायों और देश के आर्थिक विकास को एक नई गति मिलेगी।
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