यूपी पुलिस का 'मिशन सुरक्षा': डीजीपी ने कांवड़ यात्रा और आगामी त्योहारों को लेकर दिए कड़े निर्देश, अपराध नियंत्रण पर रहेगा ज़ोर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी त्योहारों, विशेषकर कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस मुख्यालय अलर्ट मोड पर आ गया है। आज दिनांक 14 जुलाई 2026 को पुलिस महानिदेशक (DGP), उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण ने प्रदेश के सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त और जिला कप्तानों के साथ एक उच्चस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक की।
बैठक में 'Zero Incident' और 'Zero Accident' के लक्ष्य के साथ पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
कांवड़ यात्रा और सुरक्षा प्रबंधन पर विशेष जोर
डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। संवेदनशील स्थलों की पहचान कर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाए। साथ ही, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।
'यक्ष ऐप' से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
अपराध नियंत्रण के लिए 'यक्ष ऐप' को और अधिक मजबूती प्रदान की जाएगी। डीजीपी ने इसे पुलिसिंग की 'आत्मा' बताते हुए कहा कि बीट सूचनाओं को ऐप में 21 श्रेणियों के तहत सही ढंग से दर्ज किया जाए। उन्होंने लापता अपराधियों की तलाश के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने और सक्रिय अपराधियों के शत-प्रतिशत सत्यापन के निर्देश दिए हैं।
सड़क दुर्घटनाओं में 10% की कमी
समीक्षा बैठक में ZFD एवं RTC अभियान की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया गया। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 की तुलना में 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में सड़क दुर्घटनाओं में 9% और मृत्यु दर में 10% की कमी आई है, जिससे 800 से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी है।
विवेचनाओं के निस्तारण के लिए नया डैशबोर्ड
लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए 'Case Diary Monitoring Dashboard' पोर्टल का अनावरण किया गया। यह पोर्टल विवेचकों को जांच पूरी होने से 15 दिन पहले ही अलर्ट भेज देगा, जिससे पेंडेंसी को कम करने में मदद मिलेगी।
अन्य मुख्य बिंदु:
मिशन शक्ति: मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना से दहेज हत्या के मामलों में 43% और दहेज प्रताड़ना में 13% की कमी देखी गई है।
वाहनों का निस्तारण: थानों पर कबाड़ हो रहे वाहनों के निस्तारण के लिए डम्पिंग यार्ड बनाने का निर्देश दिया गया। अलीगढ़ और रायबरेली के एसपी के कार्यों की सराहना की गई।
जनसंपर्क: महत्वपूर्ण घटनाओं की तथ्यात्मक जानकारी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे अपने कार्यक्षेत्र में निरंतर पर्यवेक्षण करें ताकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।