आजमगढ़: IMA अध्यक्ष पद के प्रत्याशी डॉ. आनंद सिंह बोले— डॉक्टरों की सुरक्षा, अस्पतालों के पंजीकरण और सम्मान के लिए करेंगे विशेष पहल
आजमगढ़। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी डॉ. आनंद सिंह ने कहा कि यदि उन्हें संगठन का नेतृत्व करने का अवसर मिलता है तो उनकी प्राथमिकता जनपद के सभी डॉक्टरों और अस्पतालों की सुरक्षा, सम्मान, निष्पक्ष सुनवाई और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की होगी। उन्होंने कहा कि IMA केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सभी चिकित्सकों का परिवार है और प्रत्येक डॉक्टर के हितों की रक्षा करना संगठन की नैतिक जिम्मेदारी है।
डॉ. आनंद सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में कई बार किसी अस्पताल या डॉक्टर के खिलाफ बिना पर्याप्त साक्ष्यों और सभी तथ्यों की पुष्टि किए ही खबरें प्रकाशित या प्रसारित कर दी जाती हैं। इससे डॉक्टरों और अस्पतालों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवादित मामले में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों की बात सामने आनी चाहिए। उनका सुझाव था कि यदि मामला किसी डॉक्टर या अस्पताल से जुड़ा हो तो संबंधित पक्ष और IMA से भी तथ्यात्मक जानकारी लेकर ही खबर प्रकाशित की जाए, जिससे सही स्थिति लोगों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में खबरें सामने आने के बाद प्रशासन भी तत्काल कार्रवाई की दिशा में बढ़ जाता है, जबकि डॉक्टरों का पक्ष पूरी तरह नहीं सुना जाता। यदि वह अध्यक्ष चुने जाते हैं तो ऐसे मामलों में IMA प्रशासन, मीडिया और संबंधित पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करेगा।
अस्पतालों में हिंसा पर जताई चिंता
डॉ. आनंद सिंह ने अस्पतालों में बढ़ रही तोड़फोड़, हंगामे और डॉक्टरों के साथ होने वाली अभद्रता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर अस्पतालों में हिंसा की घटनाएं होना बेहद चिंताजनक है। इससे डॉक्टरों के मन में भय का वातावरण बनता है और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की ताकि अस्पतालों में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित हो सके।
अध्यक्ष बनने पर जारी होगी हेल्पलाइन
उन्होंने बताया कि यदि उन्हें अध्यक्ष बनने का अवसर मिलता है तो IMA की ओर से एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। किसी भी अस्पताल या डॉक्टर को सुरक्षा संबंधी समस्या होने पर वह तत्काल इस नंबर पर सूचना दे सकेगा। संगठन प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।
गंभीर मरीजों के इलाज पर भी रखी बात
डॉ. आनंद सिंह ने कहा कि हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना या अन्य गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों का इलाज करना डॉक्टरों का सबसे बड़ा दायित्व है। डॉक्टर हर संभव प्रयास करते हैं कि मरीज की जान बचाई जा सके। लेकिन लगातार बढ़ रहे विवादों और हिंसा की घटनाओं के कारण कई चिकित्सक मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं। इसका असर गंभीर मरीजों के उपचार पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि कई बार मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी या लखनऊ रेफर करना पड़ता है। दुर्भाग्यवश यदि रास्ते में मरीज की मृत्यु हो जाती है तो इसका दोष भी डॉक्टरों और अस्पतालों पर मढ़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस विषय को वह प्रशासन, मीडिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के समक्ष उठाएंगे, ताकि डॉक्टरों को सुरक्षित वातावरण मिले और वे बिना किसी भय के अपना कर्तव्य निभा सकें।
अस्पतालों के पंजीकरण में भी करेंगे सहयोग
डॉ. आनंद सिंह ने अस्पतालों के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के मुद्दे को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन किसी कारणवश नहीं हो पा रहा है, तो संबंधित अस्पताल अपने आवश्यक दस्तावेज IMA के माध्यम से प्रस्तुत कर सकता है। संगठन अस्पताल में मौजूद कमियों की जानकारी देकर उन्हें दूर कराने में सहयोग करेगा तथा संबंधित उच्च अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सचिव के साथ मिलकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
सहयोग और संवाद से मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था
अपने संबोधन के अंत में डॉ. आनंद सिंह ने कहा कि यदि उन्हें IMA का अध्यक्ष चुना जाता है तो वह डॉक्टरों की सुरक्षा, सम्मान, अस्पतालों की समस्याओं के समाधान, पंजीकरण संबंधी सहयोग तथा प्रशासन और चिकित्सा समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने मीडिया, प्रशासन और चिकित्सकों से संवाद एवं सहयोग की भावना के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।